झारखंड की जनजातीय संस्कृति, लोकगीत, भाषाओं, परंपराओं, कहानियों और जीवंत सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का एक डिजिटल प्रयास।
जनधरोहर झारखंड की जनजातीय समुदायों की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को दस्तावेजित, संरक्षित और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक डिजिटल प्रयास है।
लोकगीतों, मौखिक इतिहास, भाषाओं, त्योहारों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों, रीति-रिवाजों और ग्राम्य जीवन की सांस्कृतिक स्मृतियों को एक स्थान पर संजोया जा रहा है।
हमारे कार्य के बारे में जानेंसांस्कृतिक ज्ञान उन समुदायों की धरोहर है जो उसे पीढ़ियों से जीवित रखते आए हैं। हमारा प्रयास सम्मान, सहमति और सामुदायिक सहभागिता पर आधारित है।
झारखंड की विविध जनजातीय समुदायों की संस्कृति, परंपराओं और विरासत को जानें।
पारंपरिक लोकगीतों में त्योहारों, ऋतुओं, कृषि, रिश्तों, आध्यात्मिकता और सामुदायिक जीवन की स्मृतियाँ संजोई होती हैं।
गीत अभिलेख देखेंमुंडा • राँची
झारखंड की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को अलग-अलग रूपों में जानें।
क्या आपके पास कोई पुराना लोकगीत, कहानी, तस्वीर, रिकॉर्डिंग या सांस्कृतिक स्मृति है जिसे संरक्षित किया जाना चाहिए?